
दोस्त, क्या लगता है तुझे जाने की बातें करना आसान है,
मैं जानता नहीं तू ये मेरे मरने का फरमान है
सहम जाता हूँ जब तुझसे दूर जाने की बात आती है,
जिन रातों को तू नहीं मिलता वो रातें बड़ी सताती है
साथ चलना है मुझे भी तेरे,
पर क्या करूँ दिल-दिमाग है ही कुछ ऐसे मेरे
डर लगता है तेरा दिल न दुखा दूँ,
अपनी इन हरकतों से तुझे न सता दू
सोचता हूँ तुझे खो दिया तो कैसे जियेंगे,
तेरी-मेरी यादों का झोला कैसे सियेंगे,
अगर पूरी जिंदगी हम साथ न चल पाए, तो कौन हमें संभालेगा
क्या तब भी फिर से तू आकर मुझे गिरने से बचा लेगा
बात बात पर बिछड़ने की बात करता हूँ,
क्योंकि ऐ दोस्त मेरे, मैं तुझसे भिछंडने से डरता हूँ
हाँ हाँ अभी तो हमें अगले जनम में भी मिलना है,
बातें सारी सुननी हैं, झोला दोस्ती का सिलना है
रोता क्यूँ है पगले तू मेरी बातों को लेकर,
अच्छे नहीं लगते तेरे आँसू, बुरा लगता तुझे दुख देकर
अगर तू मेरी वजह से रोएगा तो मैं खुद को कैसे संभालूँगा
कैसे खुद को रखूँगा, कैसे तुझे खुद से बचा लूँगा
मेरी चिंता मत कर पगले, दिल नहीं तोड़ा तूने मेरा,
तूने बस मुझे मरम लगाया, बना है तू सहारा मेरा
गर तूने मुझे दुख दिया तो मैं चाहता हूँ तू और दुख दे,
तेरे दुख देने में जो प्यार है वो कहाँ है हँसाने में तेरे
तेरे जितना अच्छा दोस्त न कभी मिला न कभी मिल पाएगा,
तुझसे बिछड़ जाना सच मुझे बहुत सताएगा
तू मेरे पूरे जीवन की सबसे अच्छी याद है,
भाई है तू, इश्क है तू, तू जीने की फरियाद है
अच्छा दोस्त हूँ न तेरा ऐसे कैसे चला जाऊँगा,
जब भी कुछ भी कहना हो, मैं सब कुछ सुनता जाऊँगा
तेरे होने से मुझे लगता है कि जिंदगी में कुछ कमाया है,
कुछ नहीं उखाड़ा जीवन में पर एक सच्चा दोस्त बनाया है
पर अगर तू चाहता है मैं रुक जाऊँ तो मैं बिना कुछ कहे रुक जाऊँगा,
क्योंकि तेरे साथ रहने से मैं हमेशा सुकून ही पाऊँगा
किसी दोस्त के लिए नहीं रोया, इस वाले को माफ कर,
दिल में है जो गिले शिकवे उन सब को साफ
कर हर रात जो हो मेरे जीवन में वो रात तेरे साथ हो,
जहाँ भी हूँ मैं, जैसे भी बस तू ही मेरे साथ हो
चिंता मत कर हमेशा साथ रहूँगा,
झूठ तो नहीं बोलूँगा बस प्यार है तुझसे कहूँगा